गौशाला में मरणासन्न स्थिति में मिले पशु ,चिकित्सा , चारा और देखरेख की स्थिति फेल नजर आई यूपी में गौशाला के नाम पर सरकार के धन का हो रहा दुरुपयोग

गौशाला में मरणासन्न स्थिति में मिले पशु ,चिकित्सा , चारा और देखरेख की स्थिति फेल नजर आई यूपी में गौशाला के नाम पर सरकार के धन का हो रहा दुरुपयोग
जौनपुर. एक तरफ सरकार जहां गौशालाओं पर के प्रति गाय पर प्रतिदिन का लगभग 40 रुपए खर्च कर पशुओं को सुरक्षित तथा व्यवस्थित कर बढ़ावा देने का कार्य कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ इस कार्य के लिए जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है वह केवल खानापूर्ति करते नजर आए

सरकार का आदेश है कि गौशाल पर पशुओं के देखरेख में कोई कमी नहीं आनी चाहिए तो वहीं मामल यूपी के जौनपुर जिले का है जहां गौशाला को लेकर जौनपुर जिले के खुटहन ब्लाक अंतर्गत डीहिया गांव में स्थित गौशाला के बारे मे मिली सूचना पर संकल्पना सामाजिक सेवा संस्था तथा मीडिया टीम के साथ मौके पर जाने पर पाया गया कि लगभग 5 पशु मरणासन्न स्थिति में नजर आए और उनके आंख और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर संक्रमित बीमारी नजर आई जिसके कारण पशु अधमरी अवस्था में मिले तो वहीं हरे चारा के नाम पर केवल भूसा मिला और वहां कार्य करने वाले व्यक्ति भी शराब के नशे में मिले साथ ही इस मामले में जब फोन पर ग्राम प्रधान से संगठन के संचालक द्वारा पूछा गया तो ग्राम प्रधान ने सेक्रेटरी पर जिम्मेदारी कह कर पलड़ा झाड़ते नजर आए और वहीं जब इस मामले में सेक्रेटरी से बात हुई तो सेक्रेटरी प्रधान पर आरोप लगाते नजर आए ।
लेकिन सवाल यह है कि यदि यही स्तिथि गौशाल की रही तो इसका जिम्मेदार कौन , और क्या सरकार के धन का सही से उपयोग हो रहा इस मामले में आपकी क्या राय है कमेंट कर जरूर बताएं।


